अध्याय 52

मैं धार्मिकता के सूर्य के रूप में उभरता हूँ, तथा तुम सब और मैं मिलकर महिमा प्राप्त करते हैं और सदा-सदा के लिए शुभ आशीषों का आनंद उठाते हैं! यह पूर्णतः एक अकाट्य तथ्य है और यह तुम सभी में पहले ही साकार होने लगा है। इसका कारण यह है कि मैंने जो भी वादे किए हैं, उन्हें मैं तुम सभी के लिए पूरा करूँगा; मैं जो भी कहता हूँ वह सच्चाई है, और वह कभी भी खारिज नहीं होगा। ये शुभ आशीष तुम सभी के लिए हैं, कोई अन्य उन्हें लेकर नहीं जा सकता है; वे मेरे साथ सहयोग में और एकजुट होकर की गई तुम सबकी सेवा के फल हैं। अपनी धार्मिक धारणाओं को दूर झटक दो; मेरे वचनों को सच मानो और शंकालु न बनो! मैं तुम लोगों के साथ मज़ाक नहीं करता हूँ, मैं जो कहता हूँ वही मेरा आशय है। जिन्हें मैं अपनी आशीषें देता हूँ वे उन्हें इसी तरह प्राप्त करते हैं; जिन्हें मैं आशीषें नहीं देता हूँ, वे उन्हें प्राप्त नहीं करते हैं। यह सब मेरे द्वारा निर्धारित किया जाता है। सांसारिक संपदा बिल्कुल महत्वहीन होती है! मेरे विचार में यह गोबर के अलावा कुछ भी नहीं है, जिसका मूल्य फूटी कौड़ी भी नहीं है। इसलिए सांसारिक सुखों को बहुत मूल्यवान न समझो; क्या मेरे साथ स्वर्गिक आशीष का आनंद लेना अत्यंत अर्थपूर्ण और मूल्यवान नहीं है?

पहले तथ्य प्रकट नहीं किए गए थे, और मैं खुले तौर पर प्रकट नहीं हुआ था; तुम सभी ने मुझ पर संदेह किया और मेरे बारे में अनिश्चित रहने की हिम्मत की। बहरहाल, अब सारी चीजें प्रकट हो चुकी हैं, और मैं धार्मिकता के सूर्य के रूप में उभर आया हूँ—तो यदि तुम सब अभी भी संदेह में हो तो तुम इस बारे में क्या कहोगे? जब अंधेरे ने धरती को ढक लिया था, तो तुम सभी का प्रकाश को नहीं देख पाना क्षमा के योग्य था, लेकिन अब सूर्य ने सभी अंधेरे कोनों को प्रकाशित कर दिया है; जो छिपा था वह अब छिपा नहीं है, जो गुप्त था वह अब और गुप्त नहीं है; यदि तुम लोग अभी भी संदेह में हो, तो मैं तुम लोगों को आसानी से क्षमा नहीं करूँगा! अब मेरे बारे में पूरी तरह निश्चित होने का समय है, अपने आपको मुझे अर्पित करने और मेरे लिए खपने को तैयार होने का समय है। अगर कोई मेरा जरा-सा भी प्रतिरोध करता है, तो उस पर बिना सोच-विचार किए या बिना पल भर की भी देर किए तुरंत न्याय की अग्नि बरसेगी—क्योंकि अब वह समय है जब निर्मम न्याय आ पहुँचा है, और जिनके विचार और खयाल सही नहीं हैं, उनके लिए तत्काल न्याय होगा; “मेरा कार्य चमकती बिजली की तरह है” कथन का यही सच्चा अर्थ है।

यह बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है; यह लोगों को अचंभित किए बिना नहीं रह सकता है, यह लोगों को भयभीत किए बिना नहीं रह सकता है, इसमें और देर नहीं की जा सकती और इसे और नहीं रोका जा सकता। मेरा कार्य जितना अधिक किया जाता है, वह उतनी ही तेजी से आगे बढ़ता है; जो कोई भी सावधान और तैयार नहीं है, उस पर छोड़े जाने का खतरा बना रहता है। अब तुम परखने वाला दिल नहीं रख सकते। मेरा कार्य पूरी तरह से उतर चुका है और अन्य जाति के राष्ट्रों और ब्रह्मांडीय दुनिया की तरफ विस्तार कर रहा है। न्याय की आग निर्मम है और उसमें किसी के प्रति भी दया या प्रेमपूर्ण दयालुता नहीं है। अगर वे लोग, जो ईश्वर के प्रति वफादार हैं, गलत विचार और खयाल रखते हैं, या थोड़ा प्रतिरोध तक करते हैं, उनका भी न्याय किया जाएगा; इसमें कोई भी संदेह नहीं है। जिस पर भी मेरी रोशनी डाली जाती है, वह उस प्रकाश के भीतर रहेगा, और प्रकाश में कार्य करेगा, और मार्ग के अंत तक मेरी सेवा करेगा। जो लोग प्रकाश के भीतर नहीं रहते, वे अंधेरे में रहते हैं। अपने पाप स्वीकारने के प्रति उनके रवैयों के आधार पर उनका न्याय करने के बाद मैं अपना निर्णय लूँगा।

मेरा दिन आ गया है, मेरा वह दिन जिसका मैंने अतीत में उल्लेख किया था, अब तुम सबकी आँखों के सामने है, क्योंकि तुम सब मेरे साथ ही उतरे हो। मैं तुम्हारे साथ, तुम मेरे साथ, हम हवा में मिले हैं, और हमने मिलकर महिमा प्राप्त की है। मेरा दिन वास्तव में पूरी तरह से आ चुका है!

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परमेश्वर का प्रकटन और कार्य परमेश्वर को जानने के बारे में अंत के दिनों के मसीह के प्रवचन मसीह-विरोधियों को उजागर करना अगुआओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ सत्य के अनुसरण के बारे में सत्य के अनुसरण के बारे में न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सत्य वास्तविकताएं जिनमें परमेश्वर के विश्वासियों को जरूर प्रवेश करना चाहिए मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 1) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 2) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 3) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 4) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 5) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 6) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 7) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 8) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 9) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

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