अध्याय 33
मेरे राज्य को उन लोगों की ज़रूरत है जो ईमानदार हैं और जो पाखंडी और कपटी नहीं हैं। क्या निष्कपट और ईमानदार लोग दुनिया में अलोकप्रिय नहीं हैं? मैं ठीक विपरीत हूँ। ईमानदार लोगों को मेरे पास आने दो; इस तरह के व्यक्ति से मुझे प्रसन्नता होती है, और मुझे इस तरह के व्यक्ति की ज़रूरत भी है। ठीक यही तो मेरी धार्मिकता है। कुछ लोग मूर्ख होते हैं; वे पवित्र आत्मा के कार्य को और मेरे इरादों को बूझ नहीं सकते हैं। वे उस परिवेश को स्पष्ट रूप से नहीं देख पाते हैं जिसमें उनके अपने परिवार और आस-पड़ोस मौजूद हैं, वे आँख बंद करके चीज़ों को करते हैं और अनुग्रह पाने के कई अवसरों को गँवा देते हैं। वे अपने कृत्यों के लिए बार-बार अफ़सोस करते हैं और जब किसी मामले से उनका सामना होता है, तब फिर वे इसे स्पष्ट नहीं देख पाते। कभी-कभी वे परमेश्वर पर भरोसा करके मुश्किल से जीत पाते हैं, लेकिन बाद में जब उसी तरह के मामले से उनका सामना होता है, तो पुरानी बीमारी लौट आती है, और वे मेरे इरादों को समझ ही नहीं पाते। लेकिन मैं इन चीजों को नहीं देखता हूँ, और मैं तुम लोगों के अपराधों को याद नहीं रखता हूँ। इसके बजाय, मैं तुम लोगों को इस अनैतिकता की भूमि से बचाना और तुम लोगों को फिर से जीने देना चाहता हूँ। मैंने तुम लोगों को बार-बार माफ़ किया है। हालाँकि, सर्वाधिक महत्वपूर्ण कदम अब है। तुम लोग अब और भ्रमित नहीं रह सकते हो, अब और उस तरह से रुकते और चलते हुए आगे नहीं बढ़ सकते हो। तुम लोग मंज़िल पर कब पहुँच सकोगे? तुम लोगों को बिना रुके समापन रेखा की ओर दौड़ने में अपनी जी-जान लगा देनी है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण समय में धीमे और कमजोर मत पड़ो, साहसपूर्वक आगे बढ़ो, और एक भरपूर दावत तुम लोगों के सामने है। अपनी शादी के लिबास और धार्मिकता के वस्त्रों में जल्दी से तैयार हो जाओ और मसीह के विवाह के रात्रिभोज में भाग लो; समूचे अनंतकाल के लिए पारिवारिक आनंद का भोग लो! तुम पहले की तरह अब और कभी उदास, और दुःखी नहीं होगे और आहें नहीं भरोगे। उस समय का सब कुछ धुएँ की तरह गायब हो चुका होगा और तुममें केवल मसीह के पुनर्जीवित जीवन का ही राज होगा। तुम्हारे अंदर, धुलाई-सफाई करके शुद्ध किया गया एक मंदिर होगा और तुम्हारे द्वारा प्राप्त किया गया पुनरुत्थान का जीवन सदा-सर्वदा के लिए तुममें बसा रहेगा!