663  मनुष्य की पीड़ा कैसे उत्पन्न होती है?

1

लोग ईश्वर की संप्रभुता नहीं पहचानते,

विद्रोह और ढिठाई से भाग्य का सामना करते,

नियति और ईश्वर के अधिकार को नकारते,

अपने हालात, नियति बदलने की बेकार आशा करते।

वे सफल न होंगे, वे हमेशा हारेंगे।

उनकी आत्मा में होने वाला संघर्ष

दर्द लाता है, गहरा घाव देता है, वे अपना जीवन व्यर्थ गवांते हैं।


क्या है इंसान की पीड़ा का कारण?

कारण है वे मार्ग जिन पर वे चलते,

विकल्प जो वे चुनते वे ढंग जिससे वे अपना जीवन जीते।


2

इंसान की त्रासदी उसकी खुशी से जीने की कामना नहीं,

शोहरत-दौलत की चाहत, और नियति से उसका विरोध नहीं।

ईश्वर है, इंसान की नियति का शासक है,

जानकर भी, वो अपने तरीके न सुधारे, ये त्रासदी है।

वो ईश्वर की संप्रभुता से होड़ करता,

केवल टूट जाने पर ही हार स्वीकारता।

ईश्वर कहता, समझदार हैं वो जो समर्पण करते हैं,

संघर्ष करने वाले वास्तव में मूर्ख हैं।


क्या है इंसान की पीड़ा का कारण?

कारण है वे मार्ग जिन पर वे चलते,

विकल्प जो वे चुनते वे ढंग जिससे वे अपना जीवन जीते।


शायद कुछ लोगों को एहसास न हो।

पर जब तुम समझ जाते, जब तुम सच में पहचान लेते

कि ईश्वर मनुष्य का भाग्य-विधाता है,

जब तुम देखते, ईश्वर ने तुम्हारे लिए जो योजना बनाई है,

वो एक बड़ी सहायता, सुरक्षा है,

तो दर्द तुम्हारा जल्द हल्का होने लगता,

पूरा अस्तित्व तुम्हारा मुक्ति पा जाता।


—वचन, खंड 2, परमेश्वर को जानने के बारे में, स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है III से रूपांतरित

पिछला:  662  इंसान का जीवन पूरी तरह है परमेश्वर की संप्रभुता में

अगला:  664  दुख से भर जाते हैं दिन परमेश्वर के बिन

संबंधित सामग्री

396  उद्धार-कार्य के अधिक उपयुक्त है देहधारी परमेश्वर

1 अन्त के दिनों में, परमेश्वर देहधारी रूप में प्रकट होकर अपना न्याय का कार्य करता है। क्योंकि जिसका न्याय किया जाता है वह मनुष्य है, मनुष्य...

775  जब तुम सत्य का अनुसरण नहीं करते तो तुम पौलुस के रास्ते पर चलते हो

1 इन दिनों, अधिकांश लोग इस तरह की स्थिति में हैं : "आशीष प्राप्त करने के लिए मुझे परमेश्वर के लिए खुद को खपाना होगा और परमेश्वर के लिए कीमत...

902  परमेश्वर अंततः उसी को स्वीकार करते हैं, जिसके पास सत्य होता है

1 अंत के दिनों में जन्म लेने वाले लोग किस प्रकार के थे? ये वो लोग हैं जो हजारों सालों से शैतान द्वारा भ्रष्ट किए गए थे, वे इतनी गहराई तक...

परमेश्वर का प्रकटन और कार्य परमेश्वर को जानने के बारे में अंत के दिनों के मसीह के प्रवचन मसीह-विरोधियों को उजागर करना अगुआओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ सत्य के अनुसरण के बारे में सत्य के अनुसरण के बारे में न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सत्य वास्तविकताएं जिनमें परमेश्वर के विश्वासियों को जरूर प्रवेश करना चाहिए मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 1) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 2) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 3) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 4) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 5) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 6) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 7) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 8) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 9) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

Connect with us on Messenger